×

मन करेला चुम ली
गहवा माई के भजनवा पे झुम ली
जहवाँ हर गली में बसल बा सनेस बबुवा
ई ह बिरगंज नगरिया, तू देख बबुआ ||

थलिया के चाट ली
मोहक दृषिया सिनवा में साटली
दूर - दूर के गाउँवा घण्टाघर पेसे नजिक लागेला
ई ह बिरगंज नगरिया, तू देख बबुआ ||


आदर्श नगरीया के मःमः और छोला
शहरिया के हाकतारन अलख बम भोला
दस तलिया से हमार वीरगञ्ज निक लगेला
ई ह वीरगञ्ज नगरिया, तू देख बबुआ ||

सिर्सिया के संगी, रानीघाट के राजा
शहरिया में गुञ्जेला झुमक बैन्ड बाजा
बजरंगबली के मंदिर, सुघ्घर सजेला
ई ह वीरगञ्ज नगरिया, तू देख बबुआ ||

सिनेमा हॉल में चहकते जवान
सांझ के बजारिया में बरसत गुमान
पियर रंग के रौशनी, हर मोड़ बतावेला
ई ह वीरगञ्ज नगरिया, तू देख बबुआ ||

पिठा, फेनी, लिट्टी के स्वाद
भुला दे शहर के बड़ा-बड़ा बात
हर चटपटा कोना, दिलवा लुभावेला
ई ह वीरगञ्ज नगरिया तु देख बबुवा ||

रचनाकार : दिपक सर्राफ
रानीघाट- ११, वीरगञ्ज , नेपाल

Back to top